माधवन की 'रॉकेट्री' से लेकर अक्षय की 'मिशन मंगल' तक

Posted By: Vanshika Pathak Posted On: Aug 23, 2023
चंद्रयान 3: रॉकेट्री, मिशन मंगल

Chandrayaan 3 Landing: माधवन की 'रॉकेट्री' से लेकर अक्षय की 'मिशन मंगल' तक, जब चांद पर पहुंची फिल्म इंडस्ट्री!

चंद्रयान 3 की लैंडिंग 23 अगस्त की शाम छह बजकर चार मिनट पर होनी है. लेकिन उससे पहले इस पल को और भी मजेदार बनाने के लिए हम आपके लिए लेकर आए हैं, वो लिस्ट जहां आपको इसी फीलिंग को एनकैश करने का मौका मिलेगा. इंडस्ट्री में कई ऐसी फिल्में बनी हैं, जहां स्पेस, एलियन्स और चांद पहुंचने जैसे कॉन्सेप्ट को बेहद बढ़िया तरीके से दिखाया गया है.

चंदा मामा अब दूर के नहीं रह गए हैं. भारतीय वैज्ञानिकों ने उन्हें लोगों के काफी करीब ला दिया है. इस वक्त भारत का हर शख्स गर्व से फूला नहीं समा रहा है. सभी इस इंतजार में हैं कि कब वो पल आएगा, जब हम चंद्रयान 3 को चांद की सतह पर लैंड करते देख सकेंगे. चंद्रयान 3 की लैंडिंग 23 अगस्त की शाम छह बजकर चार मिनट पर होनी है.

लेकिन उससे पहले इस पल को और भी मजेदार बनाने के लिए हम आपके लिए लेकर आए हैं, वो लिस्ट जहां आपको इसी फीलिंग को एनकैश करने का मौका मिलेगा. अब फिल्म इंडस्ट्र्री है ही इतनी विशाल, भला कोई भी टॉपिक इनसे अछूता कैसे रह सकता है. इंडस्ट्री में कई ऐसी फिल्में बनी हैं, जहां स्पेस, एलियन्स और चांद पर पहुंचने जैसे कॉन्सेप्ट को बेहद बढ़िया तरीके से दिखाया गया है.

A Trip To The Moon: इस लिस्ट में पहला नंबर है इस फ्रेंच फिल्म का, जो कि 1902 में रिलीज हुई थी. इसे Georges Méliès ने डायरेक्ट किया था. ये उस ब्लैक एंड व्हाइट दौर की पहली रंगीन फिल्म थी. फिल्म जूल्स वर्ने की 1865 के उपन्यास फ्रॉम द अर्थ टू द मून और इसकी 1870 में आई सीक्वल अराउंड द मून से इंस्पायर थी. यह फिल्म एस्ट्रोनॉट्स के एक ऐसे ग्रूप की कहानी दिखाती है, जो तोप से चलने वाले कैप्सूल में चांद की यात्रा करते हैं और चंद्रमा की सतह का पता लगाते हैं. ये फिल्म अपने आप में एक एतिहासिक फिल्म है.

Kalai Arasi: 1963 में आई कलई अरसी तमिल मूल की फिल्म थी. इसे A. Kasilingam ने डायरेक्ट किया था. इस फिल्म में उस समय के सुपरस्टार एमजी रामचंद्र, भानुमति लीड रोल में थे. ये पहली फिल्म थी जिसमें एलियन्स को धरती पर आते दिखाया गया था. वहीं स्पेस कॉन्सेप्ट पर बनने वाली भी ये तमिल सिनेमा की पहली फिल्म थी. फिल्म को दर्शकों का खूब प्यार मिला था. फिल्म की कहानी मोहन और वाणी के इर्द-गिर्द घूमती है. वाणी बहुत अच्छा गाती हैं, जिससे एलियन्स इम्प्रेस हो जाते हैं और उसे अपने साथ ले जाने की सोचते हैं. मोहन कैसे उसे बचाता है, ये दिखाया गया है.

Chand Par Chadhai: 1967 में रिलीज हुई टी. पी. सुंदरम के डायरेक्शन में बनी ये फ्रेंच फिल्म 'ए ट्रिप टू द मून' से काफी मिलती जुलती है. इतिहास की सबसे शुरुआती फिल्मों से एक इस फिल्म की कहानी निर्मित अंतरिक्ष यात्रियों के एक समूह के इर्द-गिर्द घूमती है जो चंद्रमा की ओर प्रस्थान करते हैं. उतरने पर, उनका सामना एक दूसरे ग्रह के कई एलियन्स से होता है. इस फिल्म के हीरो दारा सिंह थे.

Koi Mil Gaya: 2003 में राकेश रोशन के डायरेक्शन में बनी कोई मिल गया में ऋतिक रोशन, प्रीति जिंटा, रेखा, प्रेम चोपड़ा, रजत बेदी और जॉनी लीवर लीड रोल में थे. फिल्म एक ऐसे दिवंगत लड़के की कहानी बताती है, जो अपने दिवंगत पिता के पुराने कम्प्यूटर को ढूंढता है और उसके साथ खेलते-खेलते एलियन्स को बुला बैठता है. इस वजह से उसकी दोस्ती एक एलियन जादू से हो जाती है और वो उसे अपनी शक्तियां दे जाता है.

Antariksham 9000 kmph: 2018 मे रिलीज हुई संकल्प रेड्डी द्वारा निर्देशित इस फिल्म में वरुण तेज और अदिति राव हैदरी लीड रोल में हैं. फिल्म की कहानी एक ऐसे सैटेलाइट के इर्द-गिर्द घूमती है जिसका अंतरिक्ष स्टेशन से संपर्क टूट गया है और इसकी गति तेज हो गई है. देव (वरुण तेज) ही एकमात्र ऐसा व्यक्ति है जो इसकी मरम्मत कर सकता है, लेकिन उसने पांच साल पहले अपनी नौकरी छोड़ दी थी.

Tik Tik Tik: 2018 में माइकल बे की फिल्म 'आर्मगेडन' (1998) से इन्सपायर्ड फिल्म टिक टिक टिक एक तमिल साइंस-फिक्शन फिल्म है, जो एक एस्ट्रॉयड्स की फिक्शनल कहानी बयां करती है. ये एस्ट्रॉयड्स चेन्नई के एन्नोर से टकराता है. इसके बाद पास के क्षेत्र में एक और विस्फोट होने का खतरा पनप जाता है. फिर RAW स्थिति को संभालने के लिए अपने बेस्ट एजेंट को भेजता है.

Mission Mangal: 2019 में रिलीज हुई ये फिल्म बेहद मजेदार है. जगन शक्ति द्वारा निर्देशित इस फिल्म में अक्षय कुमार, विद्या बालन, तापसी पन्नू, सोनाक्षी सिन्हा, कीर्ति कुल्हारी और शरमन जोशी जैसी शानदार स्टार-कास्ट है. यह फिल्म भारतीय वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के जीवन पर बेस्ड है, जो भारत के सबसे बड़े अंतरिक्ष मिशन, द मार्स ऑर्बिटर मिशन का हिस्सा थे.

Rocketry: The Nambi Effect: 2022 में आई फिल्म को देख अगर आपके रोंगटे खड़े ना हो जाए तो कहना. आर. माधवन के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में एक्टर ने ही लीड रोल निभाया है. ये फिल्म एक भारतीय एयरोस्पेस इंजीनियर, नंबी नारायणन की रियल लाइफ स्टोरी पर बेस्ड है. वो एक प्रतिभाशाली व्यक्ति थे, जो भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान कार्यक्रम को महान ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पैशनेट थे. फिल्म में उनके संघर्ष और विवाद सभी को डिटेल में दिखाया गया है.

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चंदा मामा अब अपने घर के

Posted By: Vanshika Pathak Posted On: Aug 24, 2023
स्पेस सेक्टर से जुड़ी भारतीय कंपनियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी चंद्रयान-3 मिशन की सफलता

चंदा मामा अब अपने घर के... चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग, इन कंपनियों को मत भूलें... जिन्होंने आसान की राह!

चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) ने चंद्रमा के साउथ पोल पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग करते हुए इतिहास रच दिया है. इसमें देश की कई कंपनियों ने अहम भूमिका निभाई है. रॉकेट इंजन और थ्रस्टर से लेकर अन्य कंपोनेंट्स का निर्माण इन कंपनियों द्वारा किया गया है. इनमें गोदरेज एयरोस्पेस, टाटा स्टील, एल एंड टी, बीएचईएल समेत अन्य कंपनियां शामिल हैं.

चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर (Chandrayaan Vikram Lander) के चंद्रमा की सतह पर उतरने के साथ ही भारत ने इतिहास रच दिया है. 14 जुलाई 2023 को आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से रवाना हुआ Chandrayaan-3 ने आज शाम 6.04 बजे चांद के साउथ पोल पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग की है. इस ऐतिहासिक मिशन की सफलता पर उम्मीदें पूरे देश की लगी हुई थीं, इसके साथ ही चंद्रयान-3 में अपनी भूमिका निभाने वाली इस सेक्टर की भारतीय कंपनियों (Indian Space Sector Companies) के लिए भी इस मिशन की सफलता मील का पत्थर साबित हुई है.

इंजन-थ्रस्टर से लेकर तमाम कंपोनेंट बनाए देश की तमाम बड़ी कंपनियों ने चंद्रयान-3 के लॉन्च में अपनी अहम भूमिका निभाई है. रॉकेट इंजन और थ्रस्टर से लेकर अन्य कंपोनेंट्स का निर्माण इन कंपनियों द्वारा किया गया है. इनमें गोदरेज एयरोस्पेस, टाटा स्टील, एल एंड टी, बीएचईएल समेत अन्य कंपनियां शामिल हैं. स्पेस सेक्टर सर्विसेज के मामले में भारत फिलहाल पांचवें पायदान पर है और Chandrayaan-3 की सफलता का असर इस रैंकिंग पर भी पड़ेगा. आइए इस मिशन में अहम रोल निभाने वाली देश की 10 बड़ी कंपनियों और उनके द्वारा किस तरह का योगदान दिया गया है.

Larsen and Toubro Ltd इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी लार्सन एंड टूब्रो की एयरोस्पेस यूनिट ने चंद्रयान-3 मिशन के लॉन्च व्हीकल के लिए जरूरी कंपोनेंट्स की सप्लाई की है. यान का Booster Segment इस कंपनी के द्वारा ही तैयार किया गया है. जिसमें हेड एंड सेगमेंट, मिडिल सेगमेंट और नोजल बकेटफ्लेंज शामिल हैं. चंद्रयान मिशन के लैंडिंग से पहले ही कंपनी के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिलने लगी थी. बुधवार को Share Market में कारोबार खत्म होने पर कंपनी का शेयर 1.47 फीसदी चढ़कर 2718.10 रुपये के लेवल पर क्लोज हुआ.

Tata Steel देश के सबसे पुराने कारोबारी घराने Tata Group की ओर से चंद्रयान-3 की सफल लॉन्चिंग में अहम भूमिका निभाई गई है. दरअसल, टाटा स्टील द्वारा तैयार की गई क्रेन (Crane) ने आंध्र प्रदेश के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में लॉन्च वाहन LVM3 M4 (Fat Boy) को असेंबल करने में योगदान दिया है. बुधवार को कंपनी की ओर से जारी किए गए बयान में इस सहयोग का जिक्र किया गया है. बता दें टाटा स्टील ने इस क्रेन का निर्माण जमशेदपुर स्थित टाटा ग्रोथ शॉप (Tata Growth Shop) में किया गया था. मिशन मून (Mission Moon) की कामयाबी से पहले ही टाटा स्टील के शेयर 1.11 फीसदी चढ़कर 118.85 रुपये पर बंद हुए.

BHEL Chandrayaan-3 मिशन के लिए इसरो (ISRO) को बैट्री की सप्लाई भेल (BHEL) की ओर से की गई है. कंपनी की ओर से चंद्रयान के लिए बाई-मैटेलिक एडॉप्टर्स भी उपलब्ध कराए गए हैं. मिशन के सफल होने की उम्मीद के साथ इस सरकारी कंपनी के शेयरों में बीते 5 दिनों से उछाल देखने को मिल रहा है. हालांकि, बुधवार को इसके स्टॉक गिरावट के साथ बंद जरूर हुए हैं.

Godrej Aerospace गोदरेज इंडस्ट्रीज की स्पेस सेक्टर में कार्यरत कंपनी गोदरेज एयरोस्पेस (Godrej Aerospace) ने चंद्रयान-3 मिशन के लिए यान विकास इंजन, CE20 और सैटेलाइट थ्रस्टर्स (Satellite Thrusters) को गोदरेज एयरोस्पेस की मुंबई स्थित बिखरोली फैसिलिटी (Vikhroli facility) में तैयार किया गया है. इसके अलावा मिशन के कोर स्टेज के लिए L110 इंजन को भी गोदरेज कंपनी द्वारा ही बनाया गया है.

Ananth Technologies इस मून मिशन के लिए ISRO को उपकरण और अन्य इक्विपमेंट्स सप्लाई करने वाली कंपनियों की लिस्ट में अनंत टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (ATL) का नाम भी शामिल है. हैदराबाद हेडक्वार्टर वाली एटीएल कंपनी इसरो के लॉन्च व्हीकल, सैटेलाइट, अंतरिक्ष यान पेलोड और ग्राउंड सिस्टम के लिए विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ-साथ यांत्रिक उप-प्रणालियों के निर्माण से जुड़ी है.

Mishra Dhatu Nigam मिश्र धातु निगम लिमिटेड ने इसरो को चंद्रयान-3 मिशन में इस्तेमाल होने वाले कई अहम मैटेरियल मुहैया कराए हैं. इनमें कोबाल्ड बेस एलॉयज, नकेल बेस एलॉयज, टाइटेनियम एलॉयज और स्पेशल स्टील्स शामिल है. गौरतलब है कि इन मैटेरियल्स का इस्तेमाल लॉन्च व्हीकल को तैयार करने में किया गया है.

MTAR Technologies चंद्रयान -3 मिशन में प्राइवेट सेक्टर की इस कंपनी ने इंजन और बूस्टर पंप्स सहित कई अहम कंपोनेंट उपलब्ध कराए हैं. इसके अलावा Ankit Aerospace कंपनी ने अलॉय स्टील, स्टेनलेस स्टील फास्टनर्स और खास तौर पर बनाए गए टाइटेनियम बोल्ट्स तैयार करके दिए हैं. वहीं लॉन्च व्हीकल में इस्तेमाल होने वाले बूस्टर सेगमेंट S200 को Walchandnagar Industries द्वारा तैयार करके इसरो तक पहुंचाए गए हैं.

Hindustan Aeronautics Ltd हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) हेलीकॉप्टर मैन्युफैक्चरिंग और मेंटीनेंस से जुड़ी हुई बड़ी कंपनी है. पब्लिक सेक्टर की कंपनी ने नेशनल एयरोस्पेस लेबोरेटरीज (NAL) को मिशन के लिए उपयोगी कई जरूरी सामानों की सप्लाई की है. इस कंपनी के शेयरों में भी बुधवार को मिशन पूरा होने से पहले ही ताबड़तोड़ तेजी देखने को मिलने लगी थी. दिनभर के कारोबार के अंत में HAL Share 3.89 फीसदी चढ़कर 4,043 रुपये पर बंद हुए.

Paras Defence & Space Technologies प्राइवेट सेक्टर की कंपनी पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज डिफेंस और स्पेस इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स और सॉल्यूशंस का डिजाइन, डेवलपमेंट, मेकिंग एंड टेस्टिंग के काम से जुड़ी हुई कंपनी है. चंद्रयान-3 मिशन के लिए ये कंपनी भी प्रमुख सप्लायर रही है. इसके शेयरों में बुधवार को आई तेजी चंद्रयान-3 मिशन की सफलता का संकेत देती हुई नजर आ रही थी. कारोबार खत्म होने पर कंपनी का स्टॉक 5.76 फीसदी की तेजी के साथ उछलकर 719.95 रुपये पर पहुंचकर बंद हुआ.

Centum Electronics जैसे पूरा देश Chandrayaan-3 मिशन की सफलता को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है, ठीक वैसा ही नजारा इस मून मिशन के लिए इलेक्ट्रीकल सिस्टम और क्रिटिकल कंपोनेंट का निर्माण करने वाली कंपनी सेंटम इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में भी दिख रहा है. कंपनी का शेयर बुधवार को 14.51 फीसदी की उछाल मारते हुए 1648 रुपये के लेवल पर पहुंच गया.

Source: AajTak
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Chandrayaan-3 की सफलता का शेयर मार्केट में मनेगा जश्न

Posted By: Ajay Rawat Posted On: Aug 24, 2023
शेयर बाजार में आज देखने को मिल सकती है जोरदार तेजी

Chandrayaan-3 की सफलता का आज शेयर मार्केट में मनेगा जश्न, ये 10 शेयर मचा सकते हैं धमाल!

Chandrayaan-3 की ये सफलता स्पेस सेक्टर में भारत की करीब 400 छोटी-बड़ी कंपनियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी. देश की तमाम कंपनियों ने इस मून मिशन के लॉन्च से लेकर लैंडिंग तक में अपनी अहम भूमिका निभाई है.

बुधवार 23 अगस्त 2023 का दिन भारत के इतिहास में एक बड़ी सफलता वाला दिन साबित हुआ. देश के मून मिशन चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर (Chandrayaan Vikram Lander) के चंद्रमा की सतह पर उतरकर भारत का झंडा दुनिया में बुलंद कर दिया. चंद्रमा के साउथ पोल पर उतरने वाला ये पहला देश बन गया है.

इसरो (ISRO) के इस Moon Mission की सफलता में जहां एक ओर वैज्ञानिकों की जी-तोड़ मेहनत, तो वहीं देश की तमाम कंपनियों का भी बड़ा अहम योगदान रहा है, जिन्होंने चंद्रमा तक पहुंचने की राह आसान की है. पूरा देश Chandrayaan-3 मिशन की सफलता से उत्साहित है, तो इसका जश्न आज शेयर बाजार में भी मनता नजर आएगा. इसरो के इस मिशन में शामिल स्पेस सेक्टर से जुड़ीं तमाम कंपनियों के शेयरों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है.

देश के स्पेस सेक्टर में दिखेगा बूम

Chandrayaan-3 की ये सफलता स्पेस सेक्टर में भारत की करीब 400 छोटी-बड़ी कंपनियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी. देश की तमाम कंपनियों ने इस मून मिशन के लॉन्च से लेकर लैंडिंग तक में अपनी अहम भूमिका निभाई है. रॉकेट इंजन और थ्रस्टर से लेकर अन्य कंपोनेंट्स का निर्माण इन कंपनियों द्वारा किया गया है. इनमें गोदरेज एयरोस्पेस, टाटा स्टील, एल एंड टी, बीएचईएल समेत अन्य कंपनियां शामिल हैं.

स्पेस सेक्टर सर्विसेज के मामले में भारत फिलहाल पांचवे पायदान पर है और अब Chandrayaan-3 की सफलता के बाद इस रैंकिंग पर भी पड़ सकता है. वैसे तो इन कंपनियों के शेयरों में बीते एक हफ्ते से लगातार उछाल देखने को मिल रहा है, जो चंद्रयान मिशन की सफलता का संकेत दे रहा था और ये सब सफल हो चुका है, तो गुरुवार को 10 शेयर रॉकेट की रफ्तार से भाग सकते हैं.

1- Tata Steel Stock

टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील (Tata Steel) द्वारा तैयार क्रेन ने लॉन्च वाहन LVM3 M4 (Fat Boy) को असेंबल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. चंद्रयान-3 की सफल सॉफ्ट लैंडिंग से पहले बुधवार को कंपनी का स्टॉक 1.11 फीसदी चढ़कर 118.85 रुपये के लेवल पर बंद हुआ था. आज इस शेयर में मिशन की सफलता का असर दिख सकता है और ये तेजी से भाग सकता है.

2- BHEL Stock

बीएचईएल यानी BHEL के शेयर भी आज रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए नजर आ सकते है. ये शेयर भी लगातार अपने निवेशकों को फायदा पहुंचाने का काम कर रहा है और इसरो के मून मिशन की सफलता का असर इसकी रफ्तार को और तेज करने वाली साबित होती नजर आ रही है. इस शेयर बीते पांच दिन में निवेशकों को 10 फीसदी का रिटर्न दिया है. बीते कारोबारी दिन कंपनी का स्टॉक 109.35 रुपये पर बंद हुआ था. गौरतलब है कि कंपनी ने मिशन के लिए बैट्री उपलब्ध कराई थीं.

3- Larsen and Toubro Share

लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने कई चंद्रायन-3 के कई पार्ट्स उपलब्ध कराए हैं. कंपनी ने LVM-3 M-4 को बनाने में बड़ा योगदान दिया है. लैंडिंग-डे पर बुधवार को शेयर बाजार (Share Market) में कारोबार खत्म होने पर L&T Stock 1.47 फीसदी की उछाल के साथ 2718.10 रुपये पर क्लोज हुआ था और आज इसमें फिर जोरदार तेजी की संभावना है.

4- Godrej Industries Stock

Godrej Industries के शेयर भी चंद्रयान-3 लैंडिंग डे पर रॉकेट की तरह भागे थे और 9.51 फीसदी चढ़कर 542 रुपये के लेवल पर बंद हुए थे. अब जबकि ये मिशन सक्सेसफुल हो चुका है, तो आज फिर इसमें तेजी देखने को मिल सकती है. बता दें कि गोदरेज इंडस्ट्रीज की स्पेस सेक्टर में कार्यरत कंपनी गोदरेज एयरोस्पेस (Godrej Aerospace) ने चंद्रयान-3 मिशन के लिए यान विकास इंजन, CE20 और सैटेलाइट थ्रस्टर्स (Satellite Thrusters) मुहैया कराए है.

5- Centum Electronics Stock

Centum Electronics के शेयरों में Chandrayaan-3 मिशन की सफलता को लेकर पहले से ही उत्साह देखने को मिल रहा था. बुधवार को ये स्टॉक 14.51 फीसदी की उछाल मारते हुए 1648 रुपये के लेवल पर पहुंच गया था, वहीं आज ये निवेशकों को ताबड़तोड़ कमाई करा सकता है. इसरो के मून मिशन के लिए इलेक्ट्रीकल सिस्टम और क्रिटिकल कंपोनेंट का निर्माण करने वाली कंपनी सेंटम इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में गुरुवार को रैली दिख सकती है.

6- Mishra Dhatu Nigam Share

मिश्र धातु निगम लिमिटेड ने इसरो को चंद्रयान-3 मिशन में इस्तेमाल होने वाले कई अहम मैटेरियल मुहैया कराए हैं. इनमें कोबाल्ड बेस एलॉयज, नकेल बेस एलॉयज, टाइटेनियम एलॉयज और स्पेशल स्टील्स शामिल है. गौरतलब है कि इन मैटेरियल्स का इस्तेमाल लॉन्च व्हीकल को तैयार करने में किया गया है. बुधवार को ये शेयर 3.29 फीसदी चढ़कर 408.20 रुपये के लेवल पर बंद हुआ था, इसमें भी तेजी देखने को मिल सकती है.

7- MTAR Technologies Share

चंद्रयान -3 मिशन में प्राइवेट सेक्टर की इस एमटीएआर टेक्नोलॉजीज (MTAR Technologies) कंपनी ने इंजन और बूस्टर पंप्स सहित कई अहम कंपोनेंट उपलब्ध कराए हैं. कंपनी का स्टॉक बुधवार को 4.84 फीसदी उछलकर 220.75 रुपये पर बंद हुआ था और आज भी ये रफ्तार पकड़ता नजर आ सकता है.

8- Hindustan Aeronautics Ltd Stock

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) हेलीकॉप्टर मैन्युफैक्चरिंग और मेंटीनेंस से जुड़ी हुई बड़ी कंपनी है. पब्लिक सेक्टर की कंपनी ने नेशनल एयरोस्पेस लेबोरेटरीज (NAL) को मिशन के लिए उपयोगी कई जरूरी सामानों की सप्लाई की है. इस कंपनी के शेयरों में भी बुधवार को मिशन पूरा होने से पहले ही ताबड़तोड़ तेजी देखने को मिलने लगी थी. दिनभर के कारोबार के अंत में HAL Share 3.89 फीसदी चढ़कर 4,043 रुपये पर बंद हुए.

9- Paras Defence & Space Technologies Share

प्राइवेट सेक्टर की कंपनी पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज डिफेंस और स्पेस इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स और सॉल्यूशंस का डिजाइन, डेवलपमेंट, मेकिंग एंड टेस्टिंग के काम से जुड़ी हुई कंपनी है. चंद्रयान-3 मिशन के लिए ये कंपनी भी प्रमुख सप्लायर रही है. इसके शेयरों में बुधवार को आई तेजी चंद्रयान-3 मिशन की सफलता का संकेत देती हुई नजर आती है. कारोबार खत्म होने पर कंपनी का स्टॉक 5.76 फीसदी की तेजी के साथ उछलकर 719.95 रुपये पर पहुंचकर बंद हुआ.

10- Walchandnagar Industries Stock

वालचंदनगर इंडस्ट्रीज ने चंद्रयान लांच के लिए कंपोनेंट की सप्लाई की है. चंद्रयान-3 की सफलता से पहले ही कंपनी के निवेशक इसके स्टॉक में आई तेजी से जश्न मना रहे थे. बुधवार को कंपनी का शेयर दिनभर 2 फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ कारोबार करता हुआ नजर आया था और अंत में 101.90 रुपये पर क्लोज हुआ था. आज भी ये शेयर मार्केट में धमाल मचा सकता है.

(नोट- शेयर बाजार में निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.)

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चंद्रयान-3 के लिए योगदान

Posted By: Jaydatt Chaudhary Posted On: Aug 23, 2023
चंद्रयान-3 मिशन में टाटा स्टील से गोदरेज एयरोस्पेस ने मुहैया कराए उपकरण

Chandrayaan-3 Landing: चंद्रयान-3 के लिए योगदान, L&T ने बनाया लॉन्च वाहन, BHEL ने बैट्री... गोदरेज की ये थी भूमिका

आज शाम को जब Chandrayaan-3 लैंडर विक्रम चंद्रमा पर जब सॉफ्ट लैंडिंग करेगा, तो एक बार फिर अग्रणी अंतरिक्ष महाशक्ति के रूप में भारत की स्थिति और मजबूत हो जाएगी. इस मिशन की सफलता देश के Space Sector में इंडिया इंक की भूमिका को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देने में भी मदद करेगी.

आज भारत के लिए बड़ा दिन है, भारत का मून मिशन यानी चंद्रयान-3 (Chandrayaan 3) शाम को चंद्रमा की सतह पर लैंड करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. चंद्रमा की सतह पर लैंड करते ही भारत चांद के साउथ पोल पर पहुंचने वाला पहला देश बन जाएगा. इसरो (ISRO) के इस महत्वाकांक्षी मिशन पर पूरे देश अपनी उम्मीद भरी नजरें गड़ाए हुए है.

ये देश का तीसरा मून मिशन है, जिसे बीते 14 जुलाई को लॉन्च किया गया था. इसे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से छोड़ा गया था. अब 40 दिन बाद लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) आज शाम 6:04 बजे चंद्रमा के साउथ पोल पर सॉफ्ट लैंडिंग करेंगे. इस मिशन में L&T से लेकर Godrej तक देश की कई बड़ी कंपनियों की अहम भूमिका है.

400 से ज्यादा कंपनियों के लिए मील का पत्थर

बुधवार को जब Chandrayaan-3 लैंडर विक्रम चंद्रमा पर जब सॉफ्ट लैंडिंग करेगा, तो एक बार फिर अग्रणी अंतरिक्ष महाशक्ति के रूप में भारत की स्थिति और मजबूत हो जाएगी. इस मिशन की सफलता देश के Space Sector में इंडिया इंक की भूमिका को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देने में भी मदद करेगी. एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि इस चंद्रयान-3 मिशन को देश की 400 से अधिक प्राइवेट कंपनियों के विकास में एक और मील का पत्थर मानते हैं. गौरतलब है कि चंद्रयान मिशन 615 करोड़ की लागत का है और इसके सफल होने के लिए देश में प्रार्थना कर रहा है. बता दें साल 2019 में चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर की हार्ड लैंडिंग की वजह से मिशन खराब हो गया था.

स्पेस सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा भारत

अंतरिक्ष सेवाओं के मामले में भारत अभी पांचवे नंबर पर है, लिस्ट में पहले नंबर पर अमेरिका, दूसरे नबंर पर चीन, तीसरे नंबर पर जापान और चौथे नंबर पर ब्रिटेन है. भारत में 400 से ज्यादा कंपनियां स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम कर रही हैं. जिस तेजी से भारत में स्टार्ट-अप्स शुरू हो रहे हैं, उसे देखते हुए अनुमान है कि जल्द ही भारत अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच जाएगा. बात करें Chandrayaan-3 में भारतीय कंपनियों की भूमिका की, तो इसमें लॉर्सन एंड ट्रूबो, गोदरेज से लेकर Himson Industrial Ceramic जैसी कंपनियों की बड़ी भूमिका है और इन कंपनियों ने इस मिशन को गर्व की बात करार दिया है.

चंद्रयान-3 मिशन में प्राइवेट कंपनियों की भूमिका

चंद्रयान श्रृंखला के सभी चंद्र मिशनों का नेतृत्व इसरो (ISRO) ने किया है, लेकिन उनके लिए घटकों की आपूर्ति में प्राइवेट सेक्टर की महत्वपूर्ण भागीदारी रही है. भारतीय अंतरिक्ष संघ के महानिदेशक (आईएसपीए), लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) अनिल कुमार भट्ट (Anil Kumar Bhatt) ने आजतक के सहयोगी चैनल बिजनेस टुडे को बताया कि यह श्रेय भी इसरो को ही जाता है कि उसने ऐसे आपूर्तिकर्ताओं की पहचान की, जिन्होंने समय के साथ चंद्रयान श्रृंखला जैसे उच्च-स्तरीय मिशन का समर्थन करने की क्षमता विकसित की है.

अनिल कुमार भट्ट के मुताबिक, Chandrayaan-3 मिशन के लिए भी ISRO ने सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों की कंपनियों से प्रौद्योगिकियां हासिल की हैं. उदाहरण के लिए, लॉन्च वाहन बूस्टर सेगमेंट और सबसिस्टम लार्सन एंड टुब्रो द्वारा तैयार किए गए थे, बैटरी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) द्वारा आपूर्ति की गई थी, इलेक्ट्रॉनिक पावर मॉड्यूल और परीक्षण और मूल्यांकन प्रणाली केरल राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (Keltron) और मिशन कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग वालचंद इंडस्ट्रीज (Walchand Industries) द्वारा की गई.

मिशन चंद्रयान-3 से जुड़ी स्पेशल कवरेज देखने के लिए यहां क्लिक करें

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इन कंपनियों ने मुहैया कराए उपकरण

इस मिशन के लिए ISRO को उपकरण और अन्य इक्विपमेंट्स सप्लाई करने वाली कंपनियों की लिस्ट में अनंत टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (ATL) और गोदरेज जैसे नाम भी शामिल हैं. जहां एटीएल इसरो के लॉन्च व्हीकल, सैटेलाइट, अंतरिक्ष यान पेलोड और ग्राउंड सिस्टम के लिए विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ-साथ यांत्रिक उप-प्रणालियों के निर्माण से जुड़ा है. इस कंपनी का मुख्यालय हैदराबाद है और इसके फाउंडर सुब्बा राव पावुलुरी हैं. इसके अलावा चंद्रयान-3 मिशन के लिए यान के रॉकेट इंजन और थ्रस्टर जैसे जरूरी कंपोनेट्स को मुंबई स्थित गोदरेज एयरोस्पेस (Godrej Aerospace) कंपनी ने मुहैया कराया है.

Godrej Aerospace

Chandrayaan 3 मिशन में गोदरेज एयरोस्पेस की भूमिका की बात करें तो इस कंपनी ने चंद्रयान के कई जरूरी पार्ट्स तैयार किए हैं. यान के रॉकेट इंजन और थ्रस्टर का गोदरेज एयरोस्पेस द्वारा बनाया गया है. अगर ये मिशन पूरा होता है, तो फिर न केवल इसरो के लिए बल्कि गोदरेज ग्रुप के लिए गर्व का पल साबित होगा. चंद्रयान का विकास इंजन, CE20 और सैटेलाइट थ्रस्टर्स (Satellite Thrusters) को गोदरेज एयरोस्पेस की मुंबई स्थित बिखरोली फैसिलिटी (Vikhroli facility) में तैयार किया गया है.

इसके अलावा मिशन के कोर स्टेज के लिए L110 इंजन का निर्माण भी गोदरेज कंपनी द्वारा ही किया गया है. ये पहली बार नहीं है जबकि कंपनी ने चंद्रयान मिशन में अपनी भूमिका निभाई है. इससे पहले भी चंद्रयान-1 और चंद्रयान-2 के साथ मंगलयान मिशन के लिए भी कंपनी स्वदेशी रूप से विकसित कंपोनेंट्स मुहैया करा चुकी है.

Himson Industrial Ceramic

गोदरेज एयरोस्पेस के अलावा अन्य कंपनियों ने भी इसरो के Chandrayaan-3 मिशन में योगदान किया है. सूरत की एक कंपनी Himson Industrial Ceramic ने हिमसन इंडस्ट्रियल सिरेमिक ने चंद्रयान-3 के उपकरणों को अत्यधिक तापमान से बचाने के लिए महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स की सप्लाई की है. ये कंपनी इसरो के साथ बीते 30 साल से जुड़ी हुई है. कंपनी की ओर से तैयार किए गए Squibs 3,000 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर भी यान और इसके पार्ट्स को गर्मी से बचाने में कामयाब होंगे.

Tata Steel

टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील की ओर से चंद्रयान-3 की सफल लॉन्चिंग में अहम भूमिका निभाई गई है. दरअसल, टाटा स्टील द्वारा तैयार की गई क्रेन (Crane) ने आंध्र प्रदेश के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में लॉन्च वाहन LVM3 M4 (Fat Boy) को असेंबल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. बुधवार को कंपनी की ओर से जारी किए गए बयान में इस सहयोग का जिक्र किया गया है. बता दें टाटा स्टील ने इस क्रेन का निर्माण जमशेदपुर स्थित टाटा ग्रोथ शॉप (Tata Growth Shop) में किया गया था.

Larsen And Toubro

लार्सन एंड टुब्रो (L&T) की बात करें तो कंपनी की ओर से चंद्रयान-3 में कई पार्ट्स को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इस मामले पर एक बयान जारी करते हुए बीते दिनों कंपनी ने कहा बताया था कि उसने LVM-3 M-4 को बनाने में अपना योगदान दिया है. पीटीआई की खबर के मुताबिक कंपनी ने अपनी रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया है कि चंद्रयान-3 के मध्यम और नॉडल बकेट फलेयर को कंपनी की महाराष्ट्र स्थित पवई के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में बनाया गया है. इसके अलावा चंद्रयान-3 के कुछ पार्ट्स का निर्माण कोयम्बटूर में भी हुआ है. ये कंपनी भी भारत के कई अन्य स्पेस प्रोग्राम जैसे चंद्रयान-1, चंद्रयान-2, गगनयान और मंगलयान जैसे मिशनों से जुड़ी रही है.

Source: AajTak
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