कश्मीर फाइल्स

Posted By: Jogendra Kumar Posted On: Sep 13, 2023
विवेक अग्निहोत्री-नसीरुद्दीन शाह

'कश्मीर फाइल्स' की सक्सेस को नसीरुद्दीन ने बताया खतरनाक, विवेक बोले- वो अपनी जिंदगी में परेशान

नसीरुद्दीन शाह ने गदर 2, द केरल स्टोरी और द कश्मीर फाइल्स जैसी फिल्मों की सक्सेस को खतरनाक करार दिया था. इस पर फिल्म डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने रिएक्ट किया है. उन्होंने नसीरुद्दीन शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि वो शायद अपनी जिंदगी में परेशान हैं या ज्यादा बूढ़े हो गए हैं.

फिल्म द कश्मीर फाइल्स को रिलीज हुए 1 साल से ज्यादा का वक्त हो चुका है. लेकिन इसे लेकर कंट्रोवर्सी आज भी जारी है. हाल ही में दिग्गज एक्टर नसीरुद्दीन शाह ने द कश्मीर फाइल्स और गदर 2 जैसे फिल्मों के बॉक्स ऑफिस सक्सेस पर तंज कसा. उन्होंने इसे डेंजरस ट्रेंड बताया. नसीरुद्दीन शाह के कमेंट पर डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने रिएक्ट किया है.

विवेक अग्निहोत्री ने क्या कहा? एक एंटरटेनमेंट पोर्टल को दिए इंटरव्यू में विवेक ने कहा- मुझे नहीं पता. वो फैसला करें कि कौन सी अच्छी फिल्म हैं और कौन सी बुरी. मेरे ख्याल से उन्हें वो फिल्में पसंद हैं जिसमें भारत की आलोचना दिखाई जाती है. कुछ लोग जिंदगी से परेशान हैं. वो निगेटिव खबरों और चीजों में यकीन करते हैं, इसलिए मैं नहीं जानता कि नसीर भाई क्या पसंद करते हैं. मैं उनकी एक्टिंग का फैन हूं और उन्हें फिल्म 'द ताशकंद फाइल्स' में भी कास्ट किया. लेकिन अब वो इस तरह की बातें करते हैं. शायद वो ज्यादा बूढ़े हो चुके हैं या शायद अपनी जिंदगी में परेशान हैं.

क्या कहा था नसीरुद्दीन शाह ने? 'फ्री प्रेस जर्नल' को दिए इंटरव्यू में लेजेंडरी एक्टर नसीरुद्दीन ने कहा था- जितनी jingoist फिल्में होंगी, उतनी ही ज्यादा वो पॉपुलर होंगी. देश को प्यार करना ही काफी नहीं है, लेकिन उसके बारे में ढोल पीटना पड़ेगा. आपको काल्पनिक दुश्मनों को पैदा करना होगा. पर ये लोग इस बात को नहीं समझ रहे हैं कि वो जो कर रहे हैं वो हानिकारक है. नसीरुद्दीन ने बताया था कि अभी तक उन्होंने द केरल स्टोरी और गदर 2 नहीं देखी है.

नसीरुद्दीन शाह ने कहा था- द केरल स्टोरी और गदर 2 का मैसिव बिजनेस करना डिस्टर्बिंग है. वहीं सुधीर मिश्रा, अनुभव सिन्हा और हंसल मेहता जैसे फिल्ममेकर्स को ज्यादा ऑडियंस नहीं मिलती है. सौ साल बाद लोग फिल्म भीड़ देखेंगे और गदर 2 भी देखेंगे. फिर जानेंगे कौन सी मूवी हमारे समय की सच्चाई दिखा रही है क्योंकि इसका एकमात्र जरिया फिल्में ही हैं. यह डरावना है जिस तरह से मेकर्स से ऐसी फिल्में बनवाई जा रही हैं जहां गलत चीजों की तारीफ होती है, बिना किसी बात के दूसरे समुदाय को नीचा दिखाया जाता है. ये डेंजरस ट्रेंड है.

बात करें फिल्म द कश्मीर फाइल्स की तो, कम बजट में बनी इस मूवी ने दमदार कमाई की थी. फिल्म का लाइफटाइम कलेक्शन 252.90 करोड़ था. इसका वर्ल्डवाइड कलेक्शन 341 करोड़ था. वहीं गदर 2 ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई. इसने 515 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन कर लिया है. पठान के बाद गदर 2 दूसरी सबसे बड़ी हिंदी फिल्म बन गई है.

'द वैक्सीन वॉर' लेकर आ रहे विवेक

डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री फिल्म द कश्मीर फाइल्स के बाद द वैक्सीन वॉर लेकर आ रहे हैं. इसका ट्रेलर रिलीज हो गया है. मूवी में कोरोना वैक्सीन बनाने को लेकर वैज्ञानिकों के संघर्ष को दिखाया जाएगा. फिल्म में नाना पाटेकर, राइमा सेन, अनुपम खेर, पल्लवी जोशी लीड रोल में हैं. ये फिल्म 28 सितंबर 2023 को रिलीज होगी.

Source: AajTak
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नक्सलियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है बघेल सरकार

Posted By: Ajay Rawat Posted On: Sep 27, 2023
छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल और भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा (फाइल फोटो)

'नक्सलियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है बघेल सरकार', BJP ने कहा- 316 वायदों में एक भी नहीं किया पूरा

BJP Attack Congress विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार पर चौतरफा हमला बोला। बघेल सरकार के घोटाले घपलों भाई-भतीजाबाद और आम लोगों के केंद्रीय योजनाओं से वंचित रखे जाने को लेकर आरोपों की फेहरिस्त जारी करते हुए भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस पर नक्सलियों के मिलकर भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या कराने का आरोप लगाया।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार पर चौतरफा हमला बोला। बघेल सरकार के घोटाले, घपलों, भाई-भतीजाबाद और आम लोगों के केंद्रीय योजनाओं से वंचित रखे जाने को लेकर आरोपों की फेहरिस्त जारी करते हुए भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस पर नक्सलियों के मिलकर भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या कराने का आरोप लगाया।

उनके अनुसार जहां एक ओर केंद्र सरकार नक्सलियों के पूरी तरह से सफाए के लिए अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर बघेल सरकार नक्सलियों के सांठगांठ करने में जुटी है। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर नक्सलियों की मदद से भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या कराने का आरोप भी लगाया।

पात्रा ने कहा कि युवाओं के बेरोजगार भत्ता देने, शराब बंदी से लेकर बिजली का बिल आधा करने जैसे राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ की जनता से 316 वायदे किये थे। लेकिन इनमें एक भी वायदे को पूरा नहीं किया गया। बिजली बिल आधा होने के बजाय उल्टा दोगुना हो गया। संबित पात्रा ने बताया कि किस तरह से पिछले पांच सालों में छत्तीसगढ़ में 2161 करोड़ रुपये के शराब घोटाला, 5000 करोड़ रुपये के चावल घोटाला और 2000 करोड़ रुपये के खनिज ढुलाई घोटाला हुआ।

यह भी पढ़ें- CG Election 2023: छत्तीसगढ़ सरकार के खिलाफ 400 पन्नों की 'चार्जशीट', बघेल सरकार पर BJP ने दागे सवालों के बाण

उन्होंने कहा कि कोरोना काल में केंद्र की ओर से राज्य के गरीब जनता के लिए मुफ्त चावल दिया गया था, जिसमें 5000 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है। भाजपा ने बघेल सरकार पर केंद्रीय योजनाओं के लाभ से राज्य की जनता को वंचित रखने का भी आरोप लगाया। उनके अनुसार छह हजार रूपये की सालाना सहायता वाले किसान समृद्धि योजनाओं के लिए छत्तीसढ़ के लाखों किसानों ने पंजीकरण कराया। लेकिन बघेल सरकार द्वारा सत्यापित नहीं किये जाने के कारण उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल सका।

यह भी पढ़ें- 'पत्रकारों का नहीं, राहुल गांधी का बायकॉट करें' BJP ने कांग्रेस पर कसा तंज; कहा- आपके नेता में ताकत नहीं है

Source: Jagran
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मनी अब होंगे सारे बिजनेस फेल

Posted By: Aditya Gogoi Posted On: Sep 27, 2023
इस बिजनेस में एक बार मेहनत करके आप कई सालों तक कमाई कर सकते हैं

सब बिजनेस की छुट्टी कर देगा ये बिजनेस, आ गया डीजल का पौधा, खेती करने वालों की खुल गई किस्मत

नई दिल्ली. आज हम आपको एक दमदार बिजनेस आइडिया (Business idea) के बारे में बता रहे हैं जो बंपर कमाई (Earn Money) वाला है. सबसे बड़ी बात इसमें आपको बहुत ज्यादा मेहनत भी करने की जरूरत नहीं है. ये तो सभी जानते हैं आजकल कृषि आधारित व्यवसाय तेजी से बढ़ रहा है. अगर देखा जाए, तो कृषि और उससे संबंधित व्यवसाय में ज्यादा अवसर मिलते भी हैं. इससे अधिक से अधिक मुनाफा कमाया (Profitable business) जा सकता है. एक बार यह फसल तैयार हो जाती है तो कई सालों तो आप कमाई कर सकते हैं.

हम बात कर रहे हैं डीजल की खेती की. अब आप सोच रहे होंगे डीजल की भी कोई खेती होती है. तो बता दें कि हां जी ये डीजल की ही खेती है. ऐसे तो इस पौधे का नाम जेट्रोफा (Jatropha) या रतनजोत है, लेकिन आम बोलचाल की भाषा में इसे डीजल का पौधा कहा जाता है. दरअसल, इस पौधे के बीजों से बायोडीजल निकाला जाता है और किसानों को इसकी काफी अच्छी कीमत मिलती है. इसलिए इसे डीजल की खेती कहां जाता है.

ये भी पढ़ें: सिर्फ एक तार पर कैसे चलती है ट्रेन, जबकि घरों में यूज होते हैं दो तार, आखिर कैसे इलेक्ट्रिक इंजन करता है काम?

आसान है डीजल की खेती जेट्रोफा के पौधे को कहीं पर भी उगाया जा सकता है. फिर चाहे वह बंजर जमीन ही क्यों न हो? बाजार में इसके बीज भी आराम से मिल जाते हैं तो इसके लिए भी किसानों को कोई टेंशन नहीं होती है. न ज्यादा खेत की जुताई न ज्यादा सिंचाई के लिए पानी की जरूरत होती है. बस 4 से 6 महीने की देखभाल की जरूरत होती है. एक बार जब पौधा तैयार हो जाता है तो वह सालों तक बीज देता है. ऐसे में इसकी खेती किसी भी किसान के लिए घाटे का सौदा नहीं है.

कैसे करें जेट्रोफा की खेती जेट्रोफा की खेती के लिए उष्णकटिबंधीय जलवायु की जरूरत पड़ती है. इसके साथ ही इसकी खेती के लिए आपको ऐसे खेत की जरूरत पड़ेगी जहां पानी की निकासी ठीक हो. यानी ये पौधा शुष्क क्षेत्रों में खूब होता है. जेट्रोफा के पौधे को सीधे खेत में नहीं लगाया जाता है, सबसे पहले इसकी नर्सरी लगाई जाती है फिर इसके पौधों को खेत में लगाया जाता है.

सरकार की मदद से कर सकते हैं स्टार्ट पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों की वजह से भारत समेत पूरी दुनिया में इसकी मांग बढ़ रही है. इससे प्राप्त बीजों से 25 से 30 फीसदी तक तेल निकाला जाता है जो बायोडीजल होता है. सरकार भी इसकी खेती में किसानों की मदद कर रही है.

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Source: News18
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प्रॉपर्टी फ्लैट खरीदने जा रहे हैं

Posted By: Pawan George Posted On: Sep 27, 2023
things to keep in mind before buying a flat. (Canva)

फ्लैट खरीदने जा रहे हैं? इन बातों का रखें ध्यान नहीं तो पड़ेगा पछताना, अक्सर हो जाती है लोगों से गलती

नई दिल्ली. आजकल लोग घर बसाने के लिए इंडिपेंडेंट मकान की बजाय फ्लैट्स या अपार्टमेंट्स को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं. इसका एक बड़ा कारण यह है कि फ्लैट्स की कीमत उसी इलाके में उसी आकार के किसी मकान की तुलना में काफी कम होती है. इसके अलावा अपार्टमेंट्स अक्सर बंद गेट वाली सोसायटी में ही होते हैं और उनकी अपनी कई निजी सुविधाएं होती हैं जो लोगों को मकान में अलग से खरीदनी पड़ सकती हैं.

इसलिए फ्लैट्स लोगो की पसंद बनते जा रहे हैं. जाहिर तौर पर मकान की तुलना में इसकी अपनी कुछ कमियां भी हैं लेकिन कीमत में अंतर अक्सर उस कमी को ढक देता है. बहरहाल, अगर आप भी फ्लैट लेने के बारे में सोच रहे हैं तो जरूरी है कि आप कुछ बातों का ध्यान रखें ताकि भविष्य में आपको कोई परेशानी ना हो.

ये भी पढ़ें- ‘पारस पत्‍थर' साबित हो रहा ये म्‍यूचुअल फंड, हर साल दे रहा 20% से ज्‍यादा रिटर्न, 4 साल में ढाई गुना हो गया पैसा

बजट- सबसे पहले आप अपना बजट तय कर लें. अगर आप लोन लेकर फ्लैट खरीद रहे हैं तो उसकी ईएमआई आपको देनी होगी. इसलिए फ्लैट की कीमत इतनी ज्यादा ना हो कि ईएमआई भरने की वजह से आपके रोजमर्रा के खर्चें प्रभावित नहीं होने चाहिए. इससे आगे चलकर लोन डिफाल्ट करने की आशंका बढ़ जाती है.

लोकेशन- फ्लैट की लोकेशन बहुत महत्वपूर्ण होती है. अगर आप रेंट पर देने के लिए फ्लैट खरीद रहे हैं तो वहां आसपास में हॉस्पिटल, स्कूल, मॉल, बाजार व अन्य जरूरी सुविधाएं होना आपको बहुत अच्छा किराया दिला सकता है. इसके अलावा सेफ्टी, इंफ्रास्ट्रक्टर और अन्य दैनिक सुविधाओं को देखकर फ्लैट खरीदें.

बिजली-पानी- फ्लैट खरीदते समय यह देख लें कि वहां बिजली-पानी की सप्लाई कैसी है. किसी भी अपार्टमेंट में जहां बिजली-पानी की उपलब्धता ठीक नहीं है वहां रहना काफी चुनौती भरा हो सकता है.

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बिल्डर की साख- किसी रेजिडेंशियल बिल्डिंग में अपार्टमेंट लेने से पहले जिस बिल्डर ने उसे बनाया उसी रेप्यूटेशन के बारे में छानबीन कर लें. इससे यह पता चल जाएगा कि उनके पिछले प्रोजेक्ट की बिल्ड क्वॉलिटी कैसी रही है. कई बार लोग इसे नजरअंदाज करते हैं और उन्हें खराब बिल्ड क्वॉलिटी वाले फ्लैट्स मिल जाते हैं.

रेरा से मान्यता प्राप्त- सभी बिल्डर्स के लिए जरूरी है कि उन्हें रेरा से सर्टिफिकेट प्राप्त हो. आपको पैसा लगाने से पहले देख लेना चाहिए कि वह प्रोजेक्ट रेरा से पास है या नहीं. वरना बाद में आपकी पूरी पूंजी भी डूब सकती है.

रीसेल वैल्यू- किसी भी अचल एसेट में पैसा लगाने से पहले यह जरूर देख लेना चाहिए कि उसकी रीसेल वैल्यू क्या रहेगी. अगर वह एरिया भविष्य में आगे बढ़ने की क्षमता रखता है तो उस फ्लैट की रीसेल वैल्यू अच्छी होगी. कोशिश करें कि इसी तरह के क्षेत्र में घर खरीदा जाए.

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Source: News18
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ETF vs Mutual Fund

Posted By: Ramesh Sharma Posted On: Sep 27, 2023
ईटीएफ के लिए कोई न्यूनतम लॉक-इन अवधि नहीं है।

ETF vs Mutual Fund: दोनों में क्या होता है अंतर, आपके लिए निवेश का कौन सा है बेस्ट ऑप्शन, जानिए पूरी डिटेल

ईटीएफ और म्यूचुअल फंड में बहुत सारी समानताएं हैं लेकिन कुछ अंतर भी हैं। ईटीएफ आमतौर पर कम शुल्क लेते हैं और स्टॉक की तरह इंट्राडे व्यापार कर सकते हैं। हालांकि म्यूचुअल फंड और ईटीएफ दोनों की विविध प्रकार की प्रकृति कम जोखिम उठाने वाले निवेशकों के लिए अच्छा ऑप्शन हो सकती है। चलिए जानते हैं ईटीएफ और म्यूचुअल फंड में क्या है अंतर।

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क: ETf vs Mutual Fund Difference: आजकल निवेश करने के इतने विकल्प बाजार में मौजूद है कि ज्यादातर लोगों को यह समस्या रहती है कि आखिरकार पैसा कहां लगाएं। इन्हीं में से म्यूचुअल फंड और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) इंवेस्टमेंट ऑप्शन भी है जिनमें काफी समानताएं हैं लेकिन दोनों के बीच अंतर भी हैं।

आज हम आपको बताएंगें की म्यूचुअल फंड और ईटीएफ में क्या अंतर होता है और आपके लिए कौन सा बेहतर है। लेकिन सबसे पहले आसान शब्दों में समझते हैं कि म्यूचुअल फंड और ईटीएफ क्या होता है।

म्यूचुअल फंड एक पेशेवर रूप से प्रबंधित निवेश योजना है, जो आमतौर पर एक एसेट मैनेजमेंट कंपनी द्वारा चलाई जाती है जो लोगों के पैसे को स्टॉक, बॉन्ड और अन्य प्रतिभूतियों में निवेश करती है।

एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) म्यूचुअल फंड और स्टॉक की विशेषताओं का एक संयोजन हैं। जैसे आप शेयर बाजार में स्टॉक को ट्रेड करते हैं वैसे ही आप ईटीएफ में भी ट्रेड कर सकते हैं।

ये भी पढ़ें: UIDAI चार प्रकार का जारी करता है Aadhaar Card, जानिए इनमें कितना है अंतर

यदि आप एक विविध निवेश पोर्टफोलियो बनाना चाहते हैं तो ये दोनों विकल्प आपको एक अच्छा ऑप्शन बन सकते हैं। समय अवधि, जोखिम उठाने की क्षमता और वित्तीय लक्ष्यों के आधार पर, आप यह तय कर सकते हैं कि आपके लिए कौन सा बेहतर है। कुछ निवेशक लॉन्ग टर्म निवेश की तुलना में लिक्विड निवेश को अधिक प्राथमिकता देते हैं।

Disclaimer: (ये जानकारी प्राप्त सूचनाओं पर आधारित है, कृप्या निवेश करने से पहले विशेषज्ञों की राय जरूर लें और अपने जोखिम पर ही निवेश करें।)

ये भी पढ़ें: कार्यकाल बढ़ाए बिना कैसे कम करें Home Loan का EMI, क्या है इसका आसान तरीका?

Source: Jagran
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Government Loan Schemes

Posted By: Aditya Gogoi Posted On: Sep 27, 2023
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत भी आपको कोलैटरल फ्री लोन मिलता है

Government Loan Schemes: बिजनेस शुरू करने के लिए सरकार देती है कई तरह के लोन, कम ब्याज पर मिलते हैं पैसे

Government Business Loan भारत सरकार ने स्टार्टअप्स और मौजूदा कंपनियों को अपना संचालन जारी रखने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं जिससे आपके स्टार्टअप या व्यवसाय में निरंतर नकदी प्रवाह सुनिश्चित हो सके। चलिए जानते हैं ऐसे 6 सरकारी स्कीम के बारे में जिनकी मदद से आप अपने बिजनेस या स्टार्टअप में कैशफ्लो को बरकरार रखने में सहायता प्रदान करता है।

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क: पिछले कुछ साल में भारत में उद्यमियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। साफ है कि लोग अब खुद का बिजनेस करने में रुचि दिखा रहे हैं।

किसी भी बिजनेस या स्टार्टअप के लिए पैसा उतना ही जरूरी है जैसे व्यक्ति के लिए भोजन। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने पिछले कुछ साल में स्टार्टअप्स और मौजूदा व्यवसायों को अपना परिचालन जारी रखने के लिए मौद्रिक सहायता देने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं जिससे आपके स्टार्टअप या बिजनेस में निरंतर कैशफ्लो बना रहे।

आज हम आपको ऐसी 6 सरकारी स्कीम के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपके स्टार्टअप या मौजूदा बिजनेस में निरंतर कैशफ्लो को बरकरार रखने में मदद मिल सकती है।

एमएसएमई को उनकी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में मदद करने के लिए, सरकार ने एमएसएमई लोन स्कीम को शुरू किया है। इस स्कीम के तहत, कोई भी नया या मौजूदा उद्यम 1 करोड़ रुपये तक का लोन प्राप्त कर सकता है।

आमतौर पर, लोन की प्रक्रिया पूरी होने में लगभग 8-12 दिन लगते हैं और लोन के लिए दिए गए आवेदन की स्वीकृति/अस्वीकृति में मात्र 59 मिनट का ही समय लगता है।

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सीजीटीएमएसई (सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट) काफी लंबे समय से एमएसएमई के लिए कोलैटरल फ्री लोन की सुविधा प्रदान कर रहा है। सीजीटीएमएसई योजना बिना किसी कोलैटरल के 10 लाख तक का वर्किंग कैपिटल लोन प्रदान करती है।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना मुख्य रूप से महिला उद्यमियों, सेवा और व्यापार से संबंधित उद्यमों आदि के लिए उपयुक्त है। इस योजना के तहत भी आपको कोलैटरल फ्री लोन मिलता है जिसमें देनदार को रिपेमेंट की अवधि बढ़ाने का सुविधा मिलती है।

कोई बिजनेस फर्म मुद्रा लोन योजना के लिए तीन श्रेणियों में आवेदन कर सकता है:

शिशु मुद्रा लोन- इस योजना के तहत 50,000 रुपये तक का लोन 1 से 2 प्रतिशत के सालाना ब्याज दर पर दिया जाता है।

किशोर मुद्रा लोन- इस योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का लोन 8.60 से 11.15 प्रतिशत के सालाना ब्याज दर पर दिया जाता है।

तरूण मुद्रा लोन- इस योजना के तहत 5 लाख रुपये से अधिक से लेकर 10 लाख रुपये तक का लोन 11.15 से 20 प्रतिशत के सालाना ब्याज दर पर दिया जाता है।

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इस योजना के तहत दो तरह के लोन दिए जाते हैं:

मार्केटिंग सहायता योजना: इस स्कीम के तहत मिलने वाली राशि का उपयोग आप अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता और अपनी पेशकशों के बाजार मूल्य को बढ़ाने के लिए कर सकते हैं। इससे व्यवसाय को बढ़ावा देने, मार्केटिंग और बाजार तक पहुंच बढ़ाने में काफी मदद मिल सकती है।

क्रेडिट सहायता योजना: इस योजना के तहत कच्चे माल की खरीद, वित्त, मार्केटिंग आदि के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त की जा सकती है।

यह बिजनेस के लिए एक सरकारी सब्सिडी क्रेडिट है जो उन लोगों के लिए अच्छा है जिन्हें उद्योगों में तकनीकी प्रगति के लिए पैसों की आवश्यकता होती है। तकनीकी प्रगति में मार्केटिंग, आपूर्ति श्रृंखला, विनिर्माण आदि शामिल हो सकते हैं।

सिडबी यानी भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक है। इसे सरकारी व्यवसाय लोन प्रदान करने वाली सबसे पुरानी संस्थाओं में से एक माना जाता है। सिडबी लोन मुख्य रूप से एमएसएमई व्यवसायों को मदद देता है जिन्हें पैसों की सख्त जरूरत होती है।

Source: Jagran
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आज ही निपटा लें ये 5 जरूरी काम

Posted By: Anita Mamgai Posted On: Sep 27, 2023
30 सिंतबर है इन पांच कामों की डेडलाइन

आज ही निपटा लें ये 5 जरूरी काम... वरना हो सकता है नुकसान, 30 सितंबर है डेडलाइन

अगर आपके पास अभी भी सर्कुलेशन से बाहर किए गए 2,000 रुपये के गुलाबी नोट मौजूद हैं, तो फिर इन्हें बदलने के लिए भी आपके पास 30 सितंबर 2023 तक का ही समय है. यानीचार दिनों में अगर इन नोटों को नहीं बदला गया तो फिर ये रद्दी के समान हो जाएंगे.

सितंबर का महीना खत्म होने वाला है और इसमें महज चार दिन का समय बचा हुआ है. इसके साथ ही कई फाइनेंशियल काम ऐसे हैं, जिन्हें 30 सितंबर 2023 (September 2023) तक पूरा करना जरूरी है. अगर इन कामों को तय डेडलाइन तक पूरा नहीं कर पाते हैं, तो फिर आपको वित्तीय परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. इनमें सर्कुलेशन से बाहर किए गए 2,000 रुपये के नोट वापस करने से लेकर एसबीआई वी केयर एफडी स्कीम (SBI WeCare FD Scheme) में निवेश करने के लिए भी बस चार दिनों का ही समय बचा हुआ है.

2000 रुपये के नोटों की वापसी के लिए डेडलाइन अगर आपके पास अभी भी सर्कुलेशन से बाहर किए गए 2,000 रुपये के गुलाबी नोट मौजूद हैं, तो फिर इन्हें बदलने के लिए भी आपके पास 30 सितंबर 2023 तक का ही समय है. यानी चार दिनों में अगर इन नोटों को नहीं बदला गया तो फिर ये रद्दी के समान हो जाएंगे. गौरतलब है कि केंद्रीय बैंक ने बीते 19 मई 2023 को 2,000 रुपये के नोट को सर्कुलेशन से बाहर कर दिया था और बाजार में मौजूद इन नोटों को बैंकों के जरिए वापस लौटाने के लिए 30 सितंबर की तारीख तय की थी, जो अब करीब है. हालांकि, मार्केट में मौजूद कुल नोटों में से 93 फीसदी नोट 31 अगस्त 2023 तक आरबीआई के पास वापस आ चुके थे.

स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स के लिए आधार अपडेट सितंबर का महीना पोस्ट ऑफिस की स्माल सेविंग स्कीम्स (Post Office Small Saving Schemes) में निवेश करने वालों के लिए भी खास है. दरअसल, अगर आप भी इन सरकारी योजनाओं पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) समेत अन्य में इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं, तो फिर 30 सितंबर तक आधार नंबर अपडेट कराना जरूरी है. अगर आप तय डेडलाइन तक यह काम नहीं कर पाते हैं, तो फिर आपके निवेश पर रोक लग सकती है या फिर अकाउंट फ्रीज भी किया जा सकता है. वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) की ओर से पहले ही इस संबंध में एक नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है.

बैंक लॉकर के लिए एग्रीमेंट पर साइन एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा समेत अन्य बैंकों में लॉकर लेने वाले ग्राहकों के लिए भी अलर्ट है, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, बैंक लॉकर लेने वाले ग्राहकों को नए एग्रीमेंट पर साइन करना जरूरी है. यदि आपका भी इन बैंक में लॉकर है, तो फिर आप भी 30 सितंबर 2023 तक बैंक लॉकर एग्रीमेंट पर साइन कर लें. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो फिर आपको Bank Locker छोड़ना पड़ सकता है. कई बैंकों ने तो अपने यहां लॉकर लेने वाले ग्राहकों को एसएमएस के माध्यम से अलर्ट भेजना भी शुरू कर दिया है. सभी बैंकों को 31 दिसंबर तक यह काम पूरा करने का आदेश दिया गया है. इसके तहत बीते 30 जून 2023 तक 50 फीसदी, 30 सितंबर तक 75 फीसदी और 31 दिसंबर तक 100 फीसदी ग्राहकों के साइन बैंक लॉकर एग्रीमेंट पर करवाए जाने जरूरी किए गए हैं.

SBI WieCare स्कीम में निवेश इन जरूरी कामों के अलावा फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD में निवेश करने वाले इन्वेस्टर्स के लिए भी एसबीआई की वीकेयर स्कीम (SBI WeCare Scheme) में निवेश करने का आखिरी मौका है. स्टेट बैंक की ये स्पेशल एफडी स्कीम है, बुजुर्गों को आम निवेशकों से 1% ज्यादा ब्याज ऑफर किया जाता है. मौजूदा समय में SBI की वीकेयर स्‍कीम पर 7.50 फीसदी तक का ब्‍याज मिल रहा है. एसबीआई की रेगुलर एफडी में ब्याज दरें 7 दिनों से लेकर 10 सालों तक की अवधि के लिए 3.50 फीसदी और 7.50 फीसदी के बीच है. SBI की ये एफडी स्कीम 30 सितंबर 2023 को बंद होने वाली है. ऐसे में इस स्कीम का लाभ जितना जल्दी उठाएं उतना ही फायदा है, कहीं मौका हाथ से निकल न जाए.

LIC धन वृद्धि प्लान होगा बंद देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम की एक शानदार पॉलिसी 30 सितंबर 2023 को बंद हो रही है. इस पॉलिसी का नाम एलआईसी धन वृद्धि (LIC Dhan Vriddhi) है. यह एक एकल प्रीमियम पॉलिसी है, जो पॉलिसीधारकों को गारंटेड रिटर्न देती है. इस स्कीम में आप प्रोटेक्शन और सेविंग कर सकते हैं, यानी आपको बीमा तो मिलता ही है, आपका पैसा भी बढ़ता है. आपको इस पॉलिसी में केवल एक बार ही निवेश करना है जिसके बाद आपको आजीवन इस योजना का लाभ मिलेगा।

Source: AajTak
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